Rajastha gk, राजस्‍थान सामान्‍य ज्ञान

http://i.picasion.com/pic75/ba021c81b673a182a282814f94cfbb80.gif
1 राजस्‍थान का प्रवेश द्वार किसे कहा जाता है
भरतपुर
2 महुआ के पेङ पाये जाते है
अदयपुर व चितैङगढ
3 राजस्‍थान में छप्‍पनिया अकाल किस वर्ष पङा
1956 वि स
4 राजस्‍थान में मानसून वर्षा किस दिशा मे बढती है
दक्षिण पश्चिम से उत्‍तर पूर्व
5 राजस्‍थान में गुरू शिखर चोटी की उचाई कितनी है
1722 मीटर
6 राजस्‍थान में किस शहर को सन सिटी के नाम से जाना जाता है
जोधपुर को
7 राजस्‍थान की आकति है
विषमकोण चतुर्भुज
8 राजस्‍थान के किस जिले का क्षेत्रफल सबसे ज्‍यादा है
जैसलमेर
9 राज्‍य की कुल स्‍थलीय सीमा की लम्‍बाई है
5920 किमी
10 राजस्‍थान का सबसे पूर्वी जिला है
धौलपुर
11 राजस्‍थान का सागवान कौनसा वक्ष कहलाता है
रोहिङा
12 राजस्‍थान के किसा क्षेत्र में सागौन के वन पाये जाते है
दक्षिणी
13 जून माह में सूर्य किस जिले में लम्‍बत चमकता है
बॉसवाङा
14 राजस्‍थान में पूर्ण मरूस्‍थल वाले जिलें हैंा
जैसलमेर, बाडमेर
15 राजस्‍‍थान के कौनसे भाग में सर्वाधिक वर्षा होती है
दक्षिणी-पूर्वी
16 राजस्‍थान में सर्वाधिक तहसीलों की संख्‍या किस जिले में है
जयपुर
17 राजस्‍थान में सर्वप्रथम सूर्योदय किस जिले में होता है
धौलपुर
18 उङिया पठार किस जिले में स्थित है
सिरोही
19 राजस्‍थान में किन वनों का अभाव है
शंकुधारी वन
20 राजस्‍थान के क्षेत्रफल का कितना भू-भाग रेगिस्‍तानी है
लगभग दो-तिहाई
21 राजस्‍थान के पश्चिम भाग में पाये जाने वाला सर्वाधिक विषैला सर्प
पीवणा सर्प
22 राजस्‍थान के पूर्णतया वनस्‍पति रहित क्षेत्र
समगॉव (जैसलमेर)
23 राजस्‍थान के किस जिले में सूर्य किरणों का तिरछापन सर्वाधिक होता है
श्रीगंगानगर
24 राजस्‍थान का क्षेतफल इजरायल से कितना गुना है
17 गुना बङा है
25 राजस्‍थान की 1070 किमी लम्‍बी पाकिस्‍तान से लगी सिमा रेखा का नाम
रेडक्लिफ रेखा
26 कर्क रेखा राजस्‍थान के किस जिले से छूती हुई गुजरती है
डूंगरपुर व बॉसवाङा से होकर
27 राजस्‍थान में जनसंख्‍या की द़ष्टि से सबसे बङा जिला
जयपुर
28 थार के रेगिस्‍तान के कुल क्षेत्रफल का कितना प्रतिशत राजस्‍थान में है
58 प्रतिशत
29 राजस्‍थान के रेगिस्‍तान में रेत के विशाल लहरदार टीले को क्‍या कहते है
धोरे
30 राजस्‍थान का एकमात्र जीवाश्‍म पार्क स्थित है
आकलगॉव (जैसलमेर)


Rajasthan History, Rajasthan Economy, Rajasthan Polity, Geography of Rajasthan, Rajasthan Books and Authors, Rajasthan Awards and Honours, Rajasthan Miscellaneous, Rajasthan General Knowledge Quiz, Rajasthan Current GK, Rajasthan currentgk, Rajasthan General Knowledges, Rajasthan Current Affairs, Rajasthan GENERAL KNOWLEDGE QUIZ, Rajasthan CURRENT AFFAIRS, Rajasthan GENERAL KNOWLEDGE, Rajasthan PERSONALITY, Rajasthan GK, Rajasthan BUSINESS GK, Rajasthan ENVIRONMENT GK, Rajasthan AMAZING FACTS, Rajasthan INDUSTRY NEWS-INDIA, Rajasthan SPORTS GK, Rajasthan COMPETITIVE EXAM QUESTIONS AND ANSWERS, Rajasthan HISTORY, Rajasthan GEOGRAPHY, Rajasthan CONSTITUTION AND 5 YEAR PLAN, Rajasthan RAILWAY RECRUITMENTS, abour rajasthan, Rajasthan, Rajasthan Festivals Fairs, Rajasthan Geography, rajasthan history, Rajasthan Profile, Rajasthan rajasthan, Rajasthan Tourist
http://i.picasion.com/pic75/ba021c81b673a182a282814f94cfbb80.gif

Rajasthan GK, राजस्थान की नदियां

http://i.picasion.com/pic75/ba021c81b673a182a282814f94cfbb80.gif
s१) चम्बल नदी -


इस नदी का प्राचीन नाम चर्मावती है। कुछ स्थानों पर इसे कामधेनु भी कहा जाता है। यह नदी मध्य प्रदेश के मऊ के दक्षिण में मानपुर के समीप जनापाव पहाड़ी (६१६ मीटर ऊँची) के विन्ध्यन कगारों के उत्तरी पार्श्व से निकलती है। अपने उदगम् स्थल से ३२५ किलोमीटर उत्तर दिशा की ओर एक लंबे संकीर्ण मार्ग से तीव्रगति से प्रवाहित होती हुई चौरासीगढ़ के समीप राजस्थान में प्रवेश करती है। यहां से कोटा तक लगभग ११३ किलोमीटर की दूरी एक गार्ज से बहकर तय करती है। चंबल नदी पर भैंस रोड़गढ़ के पास प्रख्यात चूलिया प्रपात है। यह नदी राजस्थान के कोटा, बून्दी, सवाई माधोपुर व धौलपुर जिलों में बहती हुई उत्तर-प्रदेश के इटावा जिले मुरादगंज स्थान में यमुना में मिल जाती है। यह राजस्थान की एक मात्र ऐसी नदी है जो सालोंभर बहती है। इस नदी पर गांधी सागर, राणा प्रताप सागर, जवाहर सागर और कोटा बैराज बांध बने हैं। ये बाँध सिंचाई तथा विद्युत ऊर्जा के प्रमुख स्रोत हैं। चम्बल की प्रमुख सहायक नदियों में काली, सिन्ध, पार्वती, बनास, कुराई तथा बामनी है। इस नदी की कुल लंबाई ९६५ किलोमीटर है। यह राजस्थान में कुल ३७६ किलोमीटर तक बहती है।

२) काली सिंध -


यह चंबल की सहायक नदी है। इस नदी का उदगम् स्थल मध्य प्रदेश में देवास के निकट बागली गाँव है। कुध दूर मध्य प्रदेश में बहने के बाद यह राजस्थान के झालावाड़ और कोटा जिलों में बहती है। अंत में यह नोनेरा (बरण) गांव के पास चंबल नदी में मिल जाती है। इसकी कुल लंबाई २७८ किलोमीटर है।

३) बनास नदी -


बनास एक मात्र ऐसी नदी है जो संपूर्ण चक्र राजस्थान में ही पूरा करती है। बनअआस अर्थात बनास अर्थात (वन की आशा) के रुप में जानी जाने वाली यह नदी उदयपुर जिले के अरावली पर्वत श्रेणियों में कुंभलगढ़ के पास खमनौर की पहाड़ियों से निकलती है। यह नाथद्वारा, कंकरोली, राजसमंद और भीलवाड़ा जिले में बहती हुई टौंक, सवाई माधोपुर के पश्चात रामेश्वरम के नजदीक (सवाई माधोपुर) चंबल में गिर जाती है। इसकी लंबाई लगभग ४८० किलोमीटर है। इसकी सहायक नदियों में बेडच, कोठरी, मांसी, खारी, मुरेल व धुन्ध है। (i )बेडच नदी १९० किलोमीटर लंबी है तथा गोगंडा पहाड़ियों (उदयपुर) से निकलती है। (ii )कोठारी नदी उत्तरी राजसामंद जिले के दिवेर पहाड़ियों से निकलती है। यह १४५ किलोमीटर लंबी है तथा यह उदयपुर, भीलवाड़ा में बहती हुई बनास में मिल जाती है।(iii) खारी नदी ८० किलोमीटर लंबी है तथा राजसामंद के बिजराल की पहाड़ियों से निकलकर देवली (टौंक) के नजदीक बनास में मिल जाती है।

४) बाणगंगा -


इस नदी का उदगम् स्थल जयपुर की वैराठ की पहाड़ियों से है। इसकी कुल लंबाई ३८० किलोमीटर है तथा यह सवाई माधोपुर, भरतपुर में बहती हुई अंत में फतेहा बाद (आगरा) के समीप यमुना में मिल जाती है। इस नदी पर रामगढ़ के पास एक बांध बनाकर जयपुर को पेय जल की आपूर्ति की जाती है।

५) पार्वती नदी -


यह चंबल की एक सहायक नदी है। इसका उदगम् स्थल मध्य प्रदेश के विंध्यन श्रेणी के पर्वतों से है तथा यह उत्तरी ढाल से बहती है। यह नदी करया हट (कोटा) स्थान के समीप राजस्थान में प्रवेश करती है और बून्दी जिले में बहती हुई चंबल में गिर जाती है।

६) गंभीरी नदी -


११० किलोमीटर लंबी यह नदी सवाई माधोपुर की पहाड़ियों से निकलकर करौली से बहती हुई भरतपुर से आगरा जिले में यमुना में गिर जाती है।

७) लूनी नदी -


यह नदी अजमेर के नाग पहाड़-पहाड़ियों से निकलकर नागौर की ओर बहती है। यह जोधपुर, बाड़मेर और जालौर में बहती हुई यह गुजरात में प्रवेश करती है। अंत में कच्छ की खाड़ी में गिर जाती है। लूनी नदी की कुल लंबाई ३२० किलोमीटर है। यह पूर्णत: मौसमी नदी है। बलोतरा तक इसका जल मीठा रहता है लेकिन आगे जाकर यह खारा होता जाता है। इस नदी में अरावली श्रृंखला के पश्चिमी ढाल से कई छोटी-छोटी जल धाराएँ, जैसे लालरी, गुहिया, बांड़ी, सुकरी जबाई, जोजरी और सागाई निकलकर लूनी नदी में मिल जाती है। इस नदी पर बिलाड़ा के निकट का बाँध सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण है।

८) मादी नदी -


यह दक्षिण राजस्थान मुख्यत: बांसबाड़ा और डूंगरपुर जिले की मुख्य नदी है। यह मध्य प्रदेश के धार जिले में विंध्यांचल पर्वत के अममाऊ स्थान से निकलती है। उदगम् से उत्तर की ओर बहने के पश्चात् खाछू गांव (बांसबाड़ा) के निकट दक्षिणी राजस्थान में प्रवेश करती है। बांसबाड़ा और डूंगरपूर में बहती हुई यह नदी गुजरात में प्रवेश करती है। कुल ५७६ किलोमीटर बहने के पश्चात् यह खम्भात की खाड़ी में गिर जाती है। इसकी प्रमुख सहायक नदियों में सोम, जाखम, अनास, चाप और मोरन है। इस नदी पर बांसबाड़ा जिले में माही बजाज सागर बांध बनाया गया है।

९) धग्धर नदी -


यह गंगानगर जिले की प्रमुख नदी है। यह नदी हिमालय पर्वत की शिवालिक श्रेणियों से शिमला के समीप कालका के पास से निकलती है। यह अंबाला, पटियाला और हिसार जिलों में बहती हुई राजस्थान के गंगानगर जिले में टिब्वी के समीप उत्तर-पूर्व दिशा में प्रवेश करती है। पूर्व में यह बीकानेर राज्य में बहती थी लेकिन अब यह हनुमानगढ़ के पश्चिम में लगभग ३ किलोमीटर दूर तक बहती है।
हनुमानगढ़ के पास भटनेर के मरुस्थलीय भाग में बहती हुई विलीन हो जाती है। इस नदी की कुल लंबाई ४६५ किलोमीटर है। इस नदी को प्राचीन सरस्वती के नाम से भी जाना जाता है।

१०) काकनी नदी -


इस नदी को काकनेय तथा मसूरदी नाम से भी बुलाते है। यह नदी जैसलमेर से लगभग २७ किलोमीटर दूर दक्षिण में कोटरी गाँव से निकलती है। यह कुछ किलोमीटर प्रवाहित होने के उपरांत लुप्त हो जाती है। वर्षा अधिक होने पर यह काफी दूर तक बहती है। इसका पानी अंत में भुज झील में गिर जाता है।

११) सोम नदी -


उदयपुर जिले के बीछा मेड़ा स्थान से यह नदी निकलती है। प्रारंभ में यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बहती हुई डूंगरपूर की सीमा के साथ-साथ पूर्व में बहती हुई बेपेश्वर के निकट माही नदी से मिल जाती है।

१२) जोखम -


यह नदी सादड़ी के निकट से निकलती है। प्रतापगढ़ जिले में बहती हुई उदयपुर के धारियाबाद तहसील में प्रवेश करती है और सोम नदी से मिल जाती है।

१३) साबरमती -


यह गुजरात की मुख्य नदी है परंतु यह २९ किलोमीटर राजस्थान के उदयपुर जिले में बहती है। यह नदी पड़रारा, कुंभलगढ़ के निकट से निकलकर दक्षिण की ओर बहती है। इस नदी की कुल लंबाई ३१७ किलोमीटर है।

१४) काटली नदी -


सीकर जिले के खंडेला पहाड़ियों से यह नदी निकलती है। यह मौसमी नदी है और तोरावाटी उच्च भूमि पर यह प्रवाहित होती है। यह उत्तर में सींकर व झुंझुनू में लगभग १०० किलोमीटर बहने के उपरांत चुरु जिले की सीमा के निकट अदृश्य हो जाती है।

१५) साबी नदी -


यह नदी जयपुर जिले के सेवर पहाड़ियों से निकलकर मानसू, बहरोड़, किशनगढ़, मंडावर व तिजारा तहसीलों में बहने के बाद गुडगाँव (हरियाणा) जिले के कुछ दूर प्रवाहित होने के बाद पटौदी के उत्तर में भूमिगत हो जाती है।

१६) मन्था नदी -

यह जयपुर जिले में मनोहरपुर के निकट से निकलकर अंत में सांभर झील में जा मिलती है।

जिलानुसार राजस्थान की नदियां

१) अजमेर - साबरमती, सरस्वती, खारी, ड़ाई, बनास
२) अलवर - साबी, रुपाढेल, काली, गौरी, सोटा
३) बाँसबाड़ा - माही, अन्नास, चैणी
४) बाड़मेर - लूनी, सूंकड़ी
५) भरतपुर - चम्बल, बराह, बाणगंगा, गंभीरी, पार्वती
६) भीलवाडा - बनास, कोठारी, बेडच, मेनाली, मानसी, खारी
७) बीकानेर - कोई नदी नही
८) बूंदी – कुराल
९) चुरु - कोई नदी नही
१०) धौलपुर – चंबल
११) डूंगरपुर - सोम, माही, सोनी
१२) श्रीगंगानगर – धग्धर
१३) जयपुर - बाणगंगा, बांड़ी, ढूंढ, मोरेल, साबी, सोटा, डाई, सखा, मासी
१४) जैसलमेर - काकनेय, चांघण, लाठी, धऊआ, धोगड़ी
१५) जालौर - लूनी, बांड़ी, जवाई, सूकड़ी
१६) झालावाड़ - काली सिन्ध, पर्वती, छौटी काली सिंध, निवाज
१७) झुंझुनू - काटली
१८) जोधपुर - लूनी, माठड़ी, जोजरी
१९) कोटा - चम्बल, काली सिंध, पार्वती, आऊ निवाज, परवन
२०) नागौर – लूनी
२१) पाली - लीलड़ी, बांडी, सूकड़ी जवाई
२२) सवाई माधोपुर - चंबल, बनास, मोरेल
२३) सीकर - काटली, मन्था, पावटा, कावंट
२४) सिरोही - प. बनास, सूकड़ी, पोसालिया, खाती, किशनावती, झूला, सुरवटा
२५) टोंक - बनास, मासी, बांडी
२६) उदयपुर - बनास, बेडच, बाकल, सोम, जाखम, साबरमती
२७) चित्तौडगढ़ - वनास, बेडच, बामणी, बागली, बागन, औराई, गंभीरी, सीवान, जाखम, माही।

Rajasthan History, Rajasthan Economy, Rajasthan Polity, Geography of Rajasthan, Rajasthan Books and Authors, Rajasthan Awards and Honours, Rajasthan Miscellaneous, Rajasthan General Knowledge Quiz, Rajasthan Current GK, Rajasthan currentgk, Rajasthan General Knowledges, Rajasthan Current Affairs, Rajasthan GENERAL KNOWLEDGE QUIZ, Rajasthan CURRENT AFFAIRS, Rajasthan GENERAL KNOWLEDGE, Rajasthan PERSONALITY, Rajasthan GK, Rajasthan BUSINESS GK, Rajasthan ENVIRONMENT GK, Rajasthan AMAZING FACTS, Rajasthan INDUSTRY NEWS-INDIA, Rajasthan SPORTS GK, Rajasthan COMPETITIVE EXAM QUESTIONS AND ANSWERS, Rajasthan HISTORY, Rajasthan GEOGRAPHY, Rajasthan CONSTITUTION AND 5 YEAR PLAN, Rajasthan RAILWAY RECRUITMENTS, abour rajasthan, Rajasthan, Rajasthan Festivals Fairs, Rajasthan Geography, rajasthan history, Rajasthan Profile, Rajasthan rajasthan, Rajasthan Tourist

रंगीले राजस्थान का नागौर का किला

http://i.picasion.com/pic75/ba021c81b673a182a282814f94cfbb80.gif
 रंग-रंगीला राजस्थान अपनी नायाब खूबसूरती व रजवाड़ी शान के प्रतीक किलों और महलों के कारण सदा से ही पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहा है। आज हम राजस्थान के मध्य भाग में बसे एक ऐसे ही पर्यटनस्थल 'नागौर' की सैर करते हैं तथा यह जानते हैं कि नागौर क्यों है पर्यटकों के लिए खास।

जोधपुर से लगभग 137 किमी उत्तर में स्थित है 'नागौर'। नागौर का किला दूर-दूर तक फैली रेत के बीच एक प्रकाशस्तंभ की तरह दिखाई देता है। 4थी शताब्दी में अस्तित्व में आया यह किला राजस्थान के अन्य किलों की तरह ही ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है।
नागौर की सुंदरता यहाँ के पुराने किलों व छतरियों में है, जिसका उत्कृष्ट उदाहरण हमें नागौर में प्रवेश करते ही देखने को मिलता है। इस नगरी में प्रवेश करने के लिए तीन मुख्य द्वार है, जिनके नाम देहली द्वार, त्रिपोलिया द्वार तथा नाकाश द्वार है। नागौर व उसके आसपास के पर्यटनस्थलों में प्रमुख नागौर का किला, तारकिन की दरगाह, वीर अमर सिंह राठौड़ की छतरी, मीरा बाई की जन्मस्थली मेड़ता, खींवसर किला, कुचामन किला आदि है।
किले के भीतर भी छोटे-बड़े सुंदर महल व छतरियाँ हैं, जो हमें राजस्थान के गौरवशाली इतिहास में खीच ले जाते हैं। किले के भीतर तीन सुंदर पैलेस हाडी रानी महल, शीश महल और बादल महल हैं, जो अपने सुंदर भित्ति चित्रों के कारण प्रसिद्ध हैं। इनके समीप ही एक मस्जिद है, जिसे मुगल शासक अकबर ने बनवाया था।

यहाँ पर सूफी संत मोइनुद्दीन चिश्ती की एक दरगाह भी है। इसी के साथ ही किले के भीतर राजपूताना शैली में बनी हुई सैनिकों की सुंदर छतरियाँ भी हैं।

नागौर का मुख्य आकर्षण यहाँ का 'पशु मेला' है, जो यहाँ प्रतिवर्ष वृहद स्तर पर आयोजित किया जाता है। इस मेले में होने वाली मुर्गों की लड़ाई, ऊँट की दौड़, कठपुतली का खेल, राजस्थानी नृत्य आदि भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र होते हैं। इस मेले में खासतौर पर ऊँट, भेड़, घोड़े, गाय आदि पशुओं का क्रय-विक्रय होता है। सूर्य के अस्त होने के साथ ही नागौर के इस पशु मेले में यहाँ के पारंपरिक लोकनृत्य की गूँज एक सुंदर समा बाँध देती है।

सदा से पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र रहा राजस्थान वाकई में अपने भीतर किलों व महलों के रूप में नायब खूबसूरती को समेटे हुए है। एक बार आप भी राजपूतों की इस धरती की सैर जरूर कीजिएगा।

नागौर है विभूतियों की भूमि :
मारवाड़ का नागौर एक ऐसा क्षेत्र है, जो कई ऐसी विभुतियों क‍ी जन्मस्थली है, जिन्होंने पूरी दुनिया में मारवाड़ की माटी का नाम रोशन किया। डिंगल और पिंगल भाषा में कई ग्रंथों की रचना करने वाले प्रसिद्ध कवि वृंद का जन्म नागौर के मेड़ता में हुआ था। मेड़ता कृष्ण भक्त मीराबाई की भी जन्मस्थली है। अकबर के नौ रत्नों में से अबुल फैज और अबुल फजल दोनों भाईयों का जन्म नागौर में ही हुआ था। यही नहीं अकबर के दरबारी बुद्धिमान बीरबल भी नागौर जिले के ही रहने वाले थें।
Rajasthan History, Rajasthan Economy, Rajasthan Polity, Geography of Rajasthan, Rajasthan Books and Authors, Rajasthan Awards and Honours, Rajasthan Miscellaneous, Rajasthan General Knowledge Quiz, Rajasthan Current GK, Rajasthan currentgk, Rajasthan General Knowledges, Rajasthan Current Affairs, Rajasthan GENERAL KNOWLEDGE QUIZ, Rajasthan CURRENT AFFAIRS, Rajasthan GENERAL KNOWLEDGE, Rajasthan PERSONALITY, Rajasthan GK, Rajasthan BUSINESS GK, Rajasthan ENVIRONMENT GK, Rajasthan AMAZING FACTS, Rajasthan INDUSTRY NEWS-INDIA, Rajasthan SPORTS GK, Rajasthan COMPETITIVE EXAM QUESTIONS AND ANSWERS, Rajasthan HISTORY, Rajasthan GEOGRAPHY, Rajasthan CONSTITUTION AND 5 YEAR PLAN, Rajasthan RAILWAY RECRUITMENTS, abour rajasthan, Rajasthan, Rajasthan Festivals Fairs, Rajasthan Geography, rajasthan history, Rajasthan Profile, Rajasthan rajasthan, Rajasthan Tourist

http://recruitment4yo.blogspot.in/p/join-by-mail-all-info.html

Popular Posts